ई-संवादी2019-01-08T12:31:33+00:00

चौथा महाकवि कन्हैयालाल सेठिया पुरस्कार सलमा को

By |January 19th, 2019|

जयपुरः चौथा महाकवि कन्हैयालाल सेठिया पुरस्कार इस साल जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2019 में समकालीन तमिल साहित्य की जानी-मानी हस्ताक्षर राजथी सलमा को दिया जाएगा. सलमा की कई किताबों का अनुवाद [...]

उद्भव सांस्कृतिक सम्मान और डॉ विवेक गौतम की काव्य कृति ‘खरीदी हुई नींद’ का लोकार्पण

By |January 19th, 2019|

नयी दिल्ली: सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक संस्था 'उद्भव' तथा सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं के बौद्धिक एवं सांस्कृतिक मंच 'कवितायन' द्वारा 'उद्भव सांस्कृतिक सम्मान समारोह और सजग प्रकाशन दिल्ली से प्रकाशित [...]

जयपुर में ‘शब्द मंथन’ संपन्न, उभरे साहित्य के कई रंग

By |January 18th, 2019|

जयपुरः स्थानीय रोटरी क्लब में प्रबोध कुमार गोविल द्वारा संचालित राही सहयोग संस्थान द्वारा 'शब्द मंथन' का आयोजन किया गया, जिसमें साहित्य की अनेक विधाएं एकसाथ सुनने को मिली जैसे [...]

मानव संवेदनाओं का आख्यान हैं आशा पांडेय की कहानियां, संकलन ‘खारा पानी’ का लोकार्पण,

By |January 18th, 2019|

नई दिल्लीः आशा पांडेय हिंदी की उम्दा रचनाकार हैं. कविता, हाइकू और कहानियों पर लगातार लिखती रहती हैं. उनका तीसरा कहानी संग्रह 'खारा पानी' के नाम से छपकर आया है. [...]

इस बार अंग्रेजी के ये दिग्गज होंगे जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में

By |January 18th, 2019|

जयपुरः अंग्रेजी का साहित्यिक मेला जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में इस बार भी विदेशी लेखकों की भरमार है. इस फेस्टिवल की शुरूआत इस बार 24 जनवरी को हो रही है, जिसका [...]

कमजोर कहानी को दार्शनिकता का सहारा

By |January 18th, 2019|

पीयूष द्विवेदी दिव्य प्रकाश दुबे का नया उपन्यास ‘अक्टूबर जंक्शन’ पढ़ते हुए यह आभास होता है कि वे ‘गुनाहों का देवता’ के खासे प्रभाव में हैं। अपने पहले उपन्यास ‘मुसाफिर [...]

कविता में विचारधारा को लाना उसे संकुचित करना है-नारायण झा

By |January 18th, 2019|

पटना: "कविता नियोजित करके नहीं लिखा जा सकता है।" ये बातें मैथिली के युवा साहित्यकार नारायण झा ने प्रभा खेतान फाउंडेशन, मसि इंक द्वारा आयोजित आखर नामक कार्यक्रम में बातचीत के [...]

साहित्यकारों का स्नेहमिलन, राजस्थान की कला-संस्कृति की चर्चा

By |January 18th, 2019|

नई दिल्लीः विश्व पुस्तक मेला खत्म हो चुका है, पर उसकी धमक अभी भी सुनाई पड़ रही है. देश के विभिन्न भागों से आये साहित्यकार अपने -अपने शहरों में लौटकर [...]