ई-संवादी 2018-05-21T09:01:02+00:00

आम जीवन का खरा चित्रण

By | June 19th, 2018|

सुभाष शर्मा ने हिन्दी में कथा लेखन के साथ विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर गंभीरता से काम किया है। बाल श्रम, महिलाअधिकार, पर्यावरण, प्राथमिक शिक्षा,कृषि,संस्कृति,इतिहास जैसे विषयों पर उनका विपुल लेखन हिन्दी में संदर्भ के रुप मेंउपयोग किए जाते हैं।जाहिर है सामाजिक मुद्दों पर चिंतन का दवाब उनकी कहानियों में स्पष्ट महसूस किया जा सकता है।स्वभाविक है ये कहानियां कल्पना से नहीं,विचार से उपजी हुई प्रतीत होती हैं। ये कहानियां ऐसी हैं जिसे हम रोजदेखते,सुनते भोगते हैं,सुभाष शर्मा हमारे दैनंदिनी जीवन के बीच से कहानियां उठाते हैं और अपने वैचारिकता के आवरण केसाथ हमारी संवेदना को चुनौती देते हुए कहानी के रुप में प्रस्तुत करते हैं। ‘ब्रेन हैमरेज’ एक ईमानदारी अधिकारी के संघर्षकी कहानी है ,जिसकी परिणति नायक प्रभाकरण के मौत के रुप में दिखाई देती है।सुभाष शर्मा की कहानियां आमतौर परउम्मीदों पर खत्म होती है,लेकिन कुछेक कहानियों में उनकी बेबसी वाकई पाठकों को डराती लगती है। यहां कहानी कीअंतिम पंक्ति के साथ देश की जैसे बहुसंख्यक जन को वे आवाज दे रहे होते हैं,’धुंध ही धुंध छाई है जारों ओर। न जाने कबछंटेगी यह धुंध भीतर से बाहर तक,व्यक्ति से देश तक’। इस संग्रह की तीन कहानियाँ ‘संदेश’, ‘अपना आदमी कौन’, तथा ‘तूफान में दीया’ शिक्षण संस्थाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार,धोखाधड़ी, अनैतिक चरित्र, छल-छद्म, राजनीतिक  हस्तक्षेप आदि का आख्यान प्रस्तुत करती हैं। ‘संदेश’ कहानी की नायिकाअंजुम आरा अपेक्षित सुधार के लिए अपनी प्रशासकीय निष्ठा का परिचय देती है पर प्रतिरोधी शक्तियाँ उसके कार्यों में तरह-तरह की बाधाएँ पहुँचाती हैं। दूसरी तरफ ‘अपना आदमी कौन’ में न सिर्फ अयोग्य बल्कि चरित्रहीन ईश्वरलाल की बहालीमेधा से इतर आधार पर कर ली जाती है। कुछ स्थानीय नेताओं का समर्थन जाति के आधार पर मिल जाता है। कतिपयअधिकारी भी भ्रष्ट शिक्षक का साथ देते हैं, स्थिति तब और विद्रुप दिखने लगती है जब वरीय ईमानदार अधिकारी काहस्तक्षेप भी उसका कुछ नहीं बिगाड पाता। ‘तूफान में दिया’ के शिक्षक नायक शिवनारायण को अपने ही सहकर्मियों औरप्रधानाध्यापक का, गलत काम नहीं करने के कारण, निरंतर विरोध का सामना करना पड़ता है पर अंततः उसकी भी जीतहोती है।  सुभाष शर्मा समाज के नकारात्मक पक्षों को उसकी सम्पूर्णता में लाते हैं पर ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की जीतभले ही नहीं दिखती हो,उसका संघर्ष नाउम्मीद नहीं होने देती है। संग्रह में 21 कहानियां संकलित हैं,जो अलग अलग [...]

मित्रता का सामर्थ्य

By | June 19th, 2018|

-    आशीष कंधवे   और फिर मैं खुद से  एक प्रश्न पूछता हूं जब आप अपने हाथों में अपना हाथ डालते हैं तो आप स्वयं से प्रेम करते हैं स्वयं के मित्र होते [...]

हिंदी में आनेवाली पुस्तकें

By | June 15th, 2018|

 .     मन में अक्सर सवाल उठता है, ‘नया क्या??’ इसके जवाब में कभी हम सोशल मीडिया के अपने टाइमलाइन को देखते हैं, तो कभी रिमोट के जरिये चैनल ‘सर्फिंग’ में लग जाते हैं| फिल्मों [...]

समकालीन दौर का मुखर कवि

By | June 14th, 2018|

पत्रकार विष्णु नागर दिल से एक कवि हैं| कवि ह्रदय की साफगोई और खूबसूरत लय उनके गद्य में भी बखूबी देखी जा सकती है| उनके समय की छाप उनके द्वारा [...]

शरद पगारे को लेव टॉलस्टॉय सम्मान

By | June 13th, 2018|

खंडवा में जन्मे, इंदौर में बसे डॉ. शरद पगारे के कई उपन्यास और कहानी-संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने अपनी कृतियों में ऐतिहासिकता को जगह दी। शरद पगारे को कई [...]

युवाओं के लिए संगीत कला में असीम संभावनाएं- यतीन्द्र

By | June 11th, 2018|

साहित्य और संगीत जगत में यतीन्द्र मिश्र ने अपने लेखन से एक अलग पहचान बनाई है। कवि के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले यतीन्द्र मिश्र को पिछले साल लता [...]

सुभाष शर्मा के नए कथा संग्रह का विमोचन

By | June 9th, 2018|

बिहार विधान सभा के अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने स्वीकार किया  कि राजनीति और ब्यूरोक्रेसी में गिरावट आयी है। लोगों तक सरकार की कल्याणकारी योजनाएं पहुंच तो रही हैं। पर [...]

हिंदी के महत्वपूर्ण लेखक अभिमन्यु अनत का कुछ दिनों पूर्व निधन हो गया। उनकी समृतियों को संजोते हुए प्रोफेसर रामबचन राय जी ने उनके साहित्यिक अवदानों को समेटते हुए उनको श्रद्धांजलि दी है।

By | June 8th, 2018|

प्रो. रामबचन राय अभिमन्यु अनत मॉरिशस के यशस्वी हिन्दी लेखक थे। उन्हें भारत में भी उतनी ही लोकप्रियता हासिल है, जितनी मॉरिशस में। बल्कि उनके कथा-साहित्य का अनुवाद दुनिया की [...]

पता

By | June 8th, 2018|

विनय कुमार समकालीन कविता के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर हैं। पेशे से मनोचिकित्सक विनय कुमार का कविता संग्रह मॉल में कबूतर खासा चर्चित रहा है। विनय कुमार सिर्फ कविकाएं ही नहीं लिखते [...]

हर छह महीने पर आएगी अमिश की किताब

By | June 6th, 2018|

आज अमीश त्रिपाठी ने अपनी नई किताब सुहैलदेव के बारे में फेसबुक पर एलान कर दिया। अमिश की ये किताब उत्तर प्रदेश के एओक महान योद्धा राजा सुहैलदेव पर आधारित [...]

पन्नों से परदे तक

By | June 6th, 2018|

यूं तो किसी भी कहानी का मकसद पाठकों के दिलों तक पहुँचना ही होता है, लेकिन कहानी का अंतिम सोपान उसका पन्नों से परदे तक का सफ़र ही माना जाता [...]

कुछ देर में जारी होगी अमीश की नई किताब

By | June 6th, 2018|

बेस्टसेलर लेखक अमीश की नई किताब का अब से कुछ देर बाद एलान होगा। अमिश ऐसे लेखक हैं जिनकी किताब का पाठकों का इंतजार रहता है। अब से [...]