ई-संवादी2019-03-11T15:06:32+05:30

कलिंग साहित्य महोत्सव (केएलएफ) पुस्तक पुरुस्कार 2022 की घोषणा

By |January 24th, 2023|Categories: ई-संवादी, किताबें|Tags: , |

नई दिल्ली: कलिंग साहित्य महोत्सव 2022 में फिक्शन, नॉन-फिक्शन, कविता, अनुवाद, हिंदी भाषा, जीवनी/आत्मकथा, पर्यावरण, खेल और अन्य विषयों पर लिखी गई पुस्तकों को श्रेणीवार क्रम में केएलएफ पुस्तक पुरुस्कार [...]

2022 की कुछ उल्लेखनीय कृतियां

By |January 3rd, 2023|Categories: किताबें|

यतीन्द्र मिश्र वर्ष 2022 बीतने को आया है। इस वर्ष कई उल्लेखनीय कृतियों का प्रकाशन हुआ जिसकी चर्चा अपेक्षाकृत कम हुई। कथा, कथेतर और कविता विधा में इस वक्त हिंदी [...]

संकल्पों को सिद्धि तक पहुंचाने के सूत्र

By |January 3rd, 2023|Categories: किताबें|

-प्रणव सिरोही अपने जीवन को व्यवस्थित व बेहतर बनाने एवं सफलता की प्राप्ति के लिए नववर्ष के आरंभ में संभवतः आपने कोई न कोई संकल्प लिया ही होगा, किंतु सही [...]

अनाम स्वातंत्र्य वीरों की कहानी

By |January 3rd, 2023|Categories: किताबें|

यह कृति स्वतंत्रता पूर्व देश के इतिहास, समाज और संस्कृति का दर्पण है। सच एवं किंचित कल्पना से गूंथी गई इस कथा में याद दिलाया गया है कि अगर आज [...]

स्वतंत्रता सेनानी श्यामानंद की जीवन यात्रा को नाटक से किया जीवंत

By |December 21st, 2022|Categories: ई-संवादी|

कला केंद्र कुल्लू में रंग आजादी नाट्योत्सव के तहत स्वतंत्रता सेनानी की शौर्यागाथा को किया बयां संवाद सहयोगी, कुल्लू : कला केंद्र कुल्लू में आयोजित रंग आजादी नाट्योत्सव के तीसरे [...]

गेयटी में शुरू हुआ साहित्योत्सव जश्न-ए-अदब सांस्कृतिक कारवां-ए-विरासत- 2022

By |December 21st, 2022|Categories: ई-संवादी|

जागरण संवाददाता, शिमला : कवि व लेखक पद्मश्री प्रो. अशोक चक्रधर ने कहा कि शिमला सिर्फ यहां के लोगों का ही नहीं है, बल्कि यह हर उस व्यक्ति का है, [...]

पहली रवांल्टी कहानी में उकेरी पलायन पीड़ा

By |December 20th, 2022|Categories: ई-संवादी|

- साहित्यकार महावीर रवांल्टा ने लिखी पहली रवांल्टी कहानी 'इके रौनु कि तेके' - भारतीय भाषा उत्सव हल्द्वानी में किया रवांल्टी भाषा की पहली कहानी का पाठ जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी [...]

विद्या ने गजल से किया संवाद, विधा ने कथक से बांधा समा

By |December 20th, 2022|Categories: ई-संवादी|

- गेयटी में हुआ साहित्योत्सव 'जश्न-ए-अदब सांस्कृतिक कारवां-ए-विरासत - 'पहाड़ों में गूंजते लफ्ज' सत्र में इरशाद कामिल से प्रार्थना ने की चर्चा जागरण संवाददाता, शिमला : राजधानी शिमला के शुष्क [...]

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