अलीगढ़ः  नीरज के चाहने वालों ने ऑनलाइन कवि सम्मेलन आयोजित कर नीरज को श्रद्धांजलि दी. अलीगढ़ में तमाम स्थानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कार्यक्रम आयोजित किए गए. डॉ राकेश सक्सेना के संचालन में आयोजित वेबीनार में नामचीन शायरा डॉ रिहाना शाहीन ने 'वफा के फूल थे जिसमें वो बाग थे नीरज, ये सच है शायरे आला दिमाग थे नीरज' जैसी पंक्तियों से श्रद्धांजलि दी. कवयित्री अंजना सिंह सेंगर ने कहा कि नीरज को दुनिया जानती है. उनके गीत अविस्मरणीय हैं. उन्होंने कविता भी सुनाई. कवि अशोक अंजुम ने पढ़ा, 'जो सबके दिल में छा रहे नीरज के गीत हैं, सुनकर सभी हर्षा रहे नीरज के गीत हैं'. शायर जॉनी फॉस्टर ने कहा कि अलीगढ़वासियों की जिम्मेदारी है को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक उनके गीत और कविताओं को पहुंचाया जाए. नीरज के पुत्र और नीरज ट्रस्ट के अध्यक्ष मिलन प्रभात गुंजन ने कहा कि पिताजी ज्योतिष को बड़ा अच्छा ज्ञान था. 93 वर्ष की आयु में उन्होंने कह दिया था कि यदि मेरा एक साल सही निकल गया तो मैं 96 वर्ष की आयु पार कर लूंगा. 

 

इस कार्यक्रम में डॉ दिव्या लहरी ने कहा नीरजजी को तीन बार फिल्म फेयर पुरस्कार मिला. नई पीढ़ी तक नीरज के गीत पहुंचने चाहिए. केपी कॉलेज के प्रबंधक अशोक सक्सेना ने कहा कि नीरज अपने परिवार के जो अक्षम लोग थे उनकी हमेशा मदद करते थे. लाल बहादुर शास्त्री कन्या कॉलेज को खुलवाने के लिए उन्होंने काफी मदद की. प्रोफेसर करुणा शर्मा ने कहा उनके गीतों को कविताओं को पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाना चाहिए. आशा कुलश्रेष्ठ,  गोपाल कृष्ण जौहरी ने भी नीरज जी को उनके गीतों को याद किया, तो शिल्पी सक्सेना ने नीरज के गीत लिखे जो खत तुझे सुनाया. नीरज की पुत्रवधू रंजना सक्सेना ने कहा कि पिताजी के गीत और कविताएं हमें संबल प्रदान करती हैं. अखिल भारतीय कायस्थ महिला सभा की जिलाध्यक्ष डॉ ममता श्रीवास्तव ने कहा कि नीरज हम सबके लिए अमूल्य हैं. संगोष्ठी का आयोजन पदमभूषण डॉ गोपाल दास नीरज ट्रस्ट, अहिंसा फाउंडेशन, अखिल भारतीय कायस्थ महिला सभा, केपी पी सोसाइटी के सहयोग से आयोजित हुआ था.