

आवेदन प्रक्रिया शुरू
जागरण साहित्य सृजन सम्मान 2025 के लिए आवेदन शुरू हो चुका है। जागरण साहित्य सृजन सम्मान दैनिक जागरण के पूर्व प्रधान संपादक नरेंद्र मोहन जी की स्मृति में दिया जाने वाला एक प्रतिष्ठित सम्मान है। इसकी सम्मान राशि ₹1100000 है। यह सम्मान उन लेखकों को दिया जाता है जिनकी कृति ने पठनीयता, गुणवत्ता और विषय के आधार पर वर्ष भर में सबका ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया। इस सम्मान हेतु किसी कृति का प्रस्ताव प्रकाशक, लेखक, संस्था या अन्य भेज सकते हैं।
आवेदन की अंतिम तिथि : 1 अगस्त, 2026
अभी आवेदन करें :
नियम एवं शर्तें
1)पुस्तक मूल रूप से हिंदी में लिखित होनी चाहिए
2)पुस्तक का प्रकाशन वर्ष 2025 (1 जनवरी 2025 – 31 दिसंबर 2025) होना चाहिए
3)किसी भी लेखक की एक से अधिक कृतियाँ भी प्रस्तावित हो सकती हैं जबकि कृतियों का प्रकाशन वर्ष 2025 हो, और प्रत्येक कृति का आवेदन नए सिरे से होगा
4)ISBN संख्या देना अनिवार्य है
5)प्रति पुस्तक प्रस्तावना शुल्क रु 200 है
6)सम्मानित पुस्तक का निर्णय निर्णायक मंडल द्वारा किये गए आकलन पर आधारित होगा
7)निर्णायक मंडल का निर्णय ही अंतिम और सर्वमान्य होगा
8)प्रत्येक पुस्तक की 2 प्रतियां इस पते पर भेजना अनिवार्य : Dainik Jagran [department : Strategy & Brand development] 2nd floor, 50, Okhla Industrial Estate Phase 3 Rd, Okhla Phase III, Okhla Industrial Estate, New Delhi, Delhi 110020
9) एक बार प्रस्तावित की गयी पुस्तकें व राशि किसी भी स्थिति में वापस नहीं की जाएंगी
10) आवेदन की अंतिम तिथि 1 अगस्त, 2026 है. इसके पश्चात भेजी गयी कृति स्वीकृत नहीं होगी
11)किसी भी विवाद का निबटारा दिल्ली न्याय क्षेत्र के अधीन ही होगा
12)सम्मान से जुड़े सर्वाधिकार दैनिक जागरण के पास सुरक्षित होगा
13) इस सम्मान के लिए आलोचना, कथेतर और गैरसाहित्यिक विधा की पुस्तकें मान्य नहीं हैं
सामान्यत: पूछे जाने वाले प्रश्न
- इस पुरस्कार के लिए किस लेखक की पुस्तक आवेदन की जा सकती है?
इस पुरस्कार के लिए केवल उन्हीं लेखकों की पुस्तक आवेदन की जा सकती है जिनकी कृति का प्रकाशन वर्ष 2025 हो - पुस्तक किस भाषा में लिखित होनी चाहिए?
पुस्तक केवल हिंदी भाषा में लिखित ही मान्य है - पुस्तक का आवेदन कौन कर सकता है?
पुस्तक का आवेदन लेखक, प्रकाशक, संस्था या अन्य कोई भी कर सकते हैं - क्या इस पुरस्कार में आवेदन के लिए कोई पंजीकरण शुल्क देना अनिवार्य है?
हाँ, इस पुरस्कार में आवेदन के लिए 200 रुपये का पंजीकरण शुल्क देना अनिवार्य है - इस पुरस्कार में आवेदन के लिए किसी किताब की कितनी प्रतियां भेजना अनिवार्य है?
पुरस्कार में आवेदन के लिए किताब की 2 प्रतियां भेजना अनिवार्य है - क्या इस पुरस्कार हेतु कोई लेखक अपनी 2 या 2 से अधिक कृतियाँ आवेदन कर सकता है?
हाँ, कर सकता है, लेकिन उसकी कृतियों का प्रकाशन वर्ष 2025 होना अनिवार्य है. - इस पुरस्कार हेतु किस विधा की पुस्तकें मान्य हैं?
केवल कविता, उपन्यास, कहानी विधा की पुस्तकें मान्य - इस पुरस्कार में आवेदन हेतु भेजी गयी कृतियों और पंजीकरण शुल्क को पुरस्कार की घोषणा के बाद वापस किया जाएगा?
नहीं - यदि किसी कृति का अनुवाद अन्य भाषा से हिंदी में हुआ हो, तो क्या वह कृति इस पुरस्कार हेतु मान्य होगी?
नहीं - क्या इस पुरस्कार हेतु यदि कोई लेखक अपनी 2 या 2 से अधिक कृतियाँ आवेदन करता है, तब उस स्थिति में क्या उसे हर बार पंजीकरण शुल्क देना अनिवार्य है?
हाँ, जितनी बार किसी अलग कृति का आवेदन होगा, उतनी बार उसे पंजीकरण शुल्क देना होगा