
आवेदन प्रक्रिया शुरू
जागरण साहित्य सृजन सम्मान दैनिक जागरण के पूर्व प्रधान संपादक नरेंद्र मोहन जी की स्मृति में दिया जाने वाला एक प्रतिष्ठित सम्मान है। इसकी सम्मान राशि ₹1100000 है। यह सम्मान उन लेखकों को दिया जाता है जिनकी कृति ने पठनीयता, गुणवत्ता और विषय के आधार पर वर्ष भर में सबका ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया। इस सम्मान हेतु किसी कृति का प्रस्ताव प्रकाशक, लेखक, संस्था या अन्य भेज सकते हैं। पहला जागरण साहित्य सृजन सम्मान वरिष्ठ लेखक महेंद्र मधुकर जी को वर्ष 2024 में प्रकाशित उनकी कृति वक्रतुंड के लिए प्रदान किया गया।
जागरण साहित्य सृजन सम्मान 2025 के लिए आवेदन शुरू हो चुका है। पिछली वर्ष की भांति इस बार भी यह सम्मान उस लेखक को दिया जाएगा जिसकी कृति ने पठनीयता, गुणवत्ता और विषय के आधार पर वर्ष 2025 में सबका ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया।
आवेदन की अंतिम तिथि : 1 अगस्त, 2026

नियम एवं शर्तें
1)पुस्तक मूल रूप से हिंदी में लिखित होनी चाहिए
2)पुस्तक का प्रकाशन वर्ष 2025 (1 जनवरी 2025 – 31 दिसंबर 2025) होना चाहिए
3)किसी भी लेखक की एक से अधिक कृतियाँ भी प्रस्तावित हो सकती हैं जबकि कृतियों का प्रकाशन वर्ष 2025 हो, और प्रत्येक कृति का आवेदन नए सिरे से होगा
4)ISBN संख्या देना अनिवार्य है
5)प्रति पुस्तक प्रस्तावना शुल्क रु 200 है
6)सम्मानित पुस्तक का निर्णय निर्णायक मंडल द्वारा किये गए आकलन पर आधारित होगा
7)निर्णायक मंडल का निर्णय ही अंतिम और सर्वमान्य होगा
8)प्रत्येक पुस्तक की 3 प्रतियां भेजना अनिवार्य
9) एक बार प्रस्तावित की गयी पुस्तकें व राशि किसी भी स्थिति में वापस नहीं की जाएंगी
10) आवेदन की अंतिम तिथि 1 अगस्त, 2026 है. इसके पश्चात भेजी गयी कृति स्वीकृत नहीं होगी
11)किसी भी विवाद का निबटारा दिल्ली न्याय क्षेत्र के अधीन ही होगा
12)सम्मान से जुड़े सर्वाधिकार दैनिक जागरण के पास सुरक्षित होगा
13) इस सम्मान के लिए आलोचना, कथेतर और गैरसाहित्यिक विधा की पुस्तकें मान्य नहीं हैं