
दैनिक जागरण हिंदी बेस्टसेलर
दैनिक जागरण नीलसन बुकस्कैन के द्वारा वर्ष की हर तिमाही में जारी होने वाली बेस्टसेलर सूची, एक सार्थक प्रयास है। साथ ही दैनिक जागरण हिंदी बेस्टसेलर, हिंदी में प्रकाशित पुस्तकों की लोकप्रियता एवं बिक्री के बारे में जानकारी का एकमात्र प्रामाणिक तंत्र भी है. हिंदी बेस्टसेलर की अवधारणा की शुरुआत दैनिक जागरण हिंदी बेस्टसेलर सूची द्वारा ही मूर्तरूप ले सकी है. इससे हिंदी साहित्य के बाज़ार को विकसित और विस्तृत होने की संभावना को बल मिलेगा.
बेस्टसेलर की यह सूची चार श्रेणियों में होती है – कथा, कथेतर, कविता और अनुवाद। दैनिक जागरण नीलसन बुकस्कैन बेस्टसेलर में उन्हीं किताबों को शामिल किया गया है जिन का पहला संस्करण 1 जनवरी, 2012 या उसके बाद प्रकाशित हुआ है।
हिन्दी बेस्टसेलर – अक्टूबर से दिसंबर 2018
कथा
1.चौरासी
सत्य व्यास, हिंद युग्म
2.डार्क हॉर्स : एक अनकही दास्तान
नीलोत्पल मृणाल, हिंद युग्म/वेस्टलैंड
3.कॉनमैन
सुरेंद्र मोहन पाठक, वेस्टलैंड बुक्स
4.बनारस टॉकीज़
सत्य व्यास, हिंद युग्म
5.दिल्ली दरबार
सत्य व्यास, हिंद युग्म/वेस्टलैंड
6.दो लोग
गुलज़ार, हार्पर कॉलिंस
7.घर वापसी
अजीत भारती, हिंद युग्म
8.जनता स्टोर
नवीन चैधरी, राधाकृष्ण प्रकाशन फंडा
9.मंटोः पंद्रह कहानियां, चयन नंदिता दास
सआदत हसन मंटो, राजकमल प्रकाशन
10.अनुपमा गांगुली का चैथा प्यार
विजयश्री तनवीर, हिंद युग्म
कथेतर
1.बकर पुराण
अजीत भारती, हिंद युग्म
2.न बैरी न कोई बैगाना
सुरेंद्र मोहन पाठक, वेस्टलैंड बुक्स
3.कश्मीरनामा
अशोक कुमार पांडेय, राजपाल एंड संस
4.मौन मुस्कान की मार
आशुतोष राणा, प्रभात प्रकाशन
5.आज़ादी मेरा ब्रांड
अनुराधा बेनिवाल, राजकमल प्रकाशन
6.यदा यदा ही योगी
विजय त्रिवेदी, वेस्टलैंड बुक्स
7.तुम्हारे बारे में
मानव कौल, हिंद युग्म
8.हार नहीं मानूंगाः एक अटल जीवन गाथा
विजय त्रिवेदी, हार्पर कॉलिंस
9.युद्ध में अयोध्या
हेमंत शर्मा, प्रभात प्रकाशन
10.हमसफर एवरेस्ट
नीरज मुसाफिर, हिंद युग्म
अनुवाद
1.मेरी जीवन यात्रा
ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, अनुवादः सुरेश साहिल
प्रभात प्रकाशन
2.इक्ष्वाकु के वंशज
अमीश त्रिपाठी, अनुवादः उर्मिला गुप्तावे
स्टलैंड बुक्स
3.वायुपुत्रों की शपथ
अमीश त्रिपाठी, सुचिता मित्ल
वेस्टलैंड बुक्स
4.रिवाल्यूशन 20 20
चेतन भगत, अनुवादः चेतन भगत
रूपा पब्लिकेशन
5.चाय चाय
बिश्वनाथ घोष, अनुवादः सुचिता मित्ल
वेस्टलैंड बुक्स
6.सीता – मिथिला की योद्धा
अमीश त्रिपाठी, अनुवादः उर्मिला गुप्ता
वेस्टलैंड बुक्स
7.जयः महाभारत का सचित्र पुनर्कथन
देवदत्त पटनायक, अनुवादः अनंत मित्तल
पेंगुइन रेंडम हाउस
8.मिसेज फनीबोन्स
ट्विंकल खन्ना, अनुवादः अरुण आनंद
प्रभात प्रकाशन
9.डोंगरी से दुबई तक: मुंबई माफिया के छः दशक
एस. हुसैन जैदी, अनुवादः अनंत मित्तल
मंजुल पब्लिशिंग हाउस
10.खुल्लम खुल्लाः ऋषि कपूर दिल से
ऋषि कपूर, मीना अय्यर, अनुवादः उषा चैकसी
हार्पर कॉलिंस
कविता
1.नाराज़
राहत इंदौरी, मंजुल पब्लिशिंग हाउस
2.कुछ इश्क किया कुछ काम किया
पीयूष मिश्रा, राजकमल प्रकाशन
3.पाज़ी नज़्में
गुलज़ार, राजकमल प्रकाशन
4.तुम मेरी जान हो रज़िया बी
पीयूष मिश्रा, राजकमल प्रकाशन
5.लावा
जावेद अख्तर, राजकमल प्रकाशन
6.दो कदम और सही
राहत इंदौरी, मंजुल पब्लिशिंग हाउस
7.रंगों में बेरंग
फैज़ान खान, हिंद युग्म
8.दुनिया जिसे कहते हैं
निदा फाज़ली, मंजुल पब्लिशिंग हाउस
9.चराग़
वसीम बरेलवी, मंजुल पब्लिशिंग हाउस
10.मेरी फितरत है मस्ताना
मनोज मुंतशिर, वाणी प्रकाशन
हिंदी में क्राइम फिक्शन के बादशाह सुरेन्द्र मोहन पाठक का ये नया उपन्यास है। एक लड़की की मौत और ब्रीफकेस में छुपे राज के इर्दगिर्द स्सपेंस का ऐसा ताना बाना हीरे को लेकर भी गजबब का रोमांच है जो पाठकों को अंत तक बांधे रखता है। सुरेन्द्र मोहन पाठक के इस उपन्यास में रोचकता पाठकों को अंत तक बांधे रखती है।
‘दिल्ली दरबार’ छोटे शहरों के युवाओं के दिल्ली प्रवास, प्रेम, प्रयास और परेशानियों की एक प्रहसनात्मक कहानी है। यह कहानी दरअसल उन लाखों युवाओं के जीवनशैली की भी है जो बेहतर ज़िंदगी और भविष्य की संभावनाओं के लिए दिल्ली जैसे महानगर का रास्ता लेते हैं।
ये कहानी है एक छोटे से शहर के लड़के नील की जो यूनिवर्सिटी आता है तो उसके सामने एक नई दुनिया खुलती है। वहां एक लड़के रणदीप से उसकी गहरी दोस्ती होती है । इसके बाद दोनों को प्यार होता है। नील अदिति के बीच प्यार की पींगे बढ़ती है तो रणदीप रिया से एकतरफा प्यार करने लगता है। रिया आत्महत्या करती है और इल्जाम लगाती है नील पर। अब कहानी जबरदस्त मोड़ लेती हुई पाठकों को चौंकाती है।
यह उपन्यास काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्रावासीय जीवन का रेखाचित्र खींचता है, बल्कि कह सकते हैं कि ये होस्टल दिनचर्या का रोजनामचा है। इस किताब की भाषा में वही औघड़पन एवं बनरासपन है जो वहां के जीवन में है। शैक्षिक जीवन के हर पहलू को समाहित करता यह उपन्यास दिल, दोस्ती और धोखे की कहानी बयान करता है।
मुसाफिर कैफे कहानी है उन सारे लोगों की जो अपनी विश लिस्ट पूरी करते हुए परफैक्ट लाइफ खोजने के लिए भटक रहे हैं। लेखक दिव्य प्रकाश दुबे ने धर्मवीर भारती को अपनी श्रद्धांजलि देने के लिए ‘गुनाहों का देवता’ के मशहूर तीन चरित्रों सुधा, चंदर एवं पम्मी को पुनर्जीवित किया है।
जिंदगी आइस पाइस और नमक स्वादानुसार जैसी पुस्तकों के लेखक निखिल सचान का ये पहला उपन्यास है। निखिल का ये उपन्यास बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के आईआईटी के परिवेश में बुनी एक इंजीनियर के इश्क और शिक्षा व्यवस्था से उसके मोहभंग की कहानी है। यह हिंदी में एक मए तेवर का उफन्यास है।
मसाला चाय’ की कहानियों को पढ़ना ऐसे ही है जैसे अपने कॉलेज की कैंटीन में सालों बाद जाकर दोस्तों के साथ चाय पीते हुए गप्पे मारना। बिल्कुल बोलचाल की भाषा में लिखी हुई किताब। आपको पढ़ते हुए ऐसा लगेगा जैसे लेखक जैसे लेखक कहानियाँ पढ़कर सुना रहा है।
इस कहानी संग्रह में लेखक मानव कौल ने उन विषयों को उठाया है जो हर पाठकों के मन को छूता है और उनको अपनी सी लगती है। इनकी कहानियों में पाठकों को कविता पढ़ने का सुख मिल सकता है। इस संग्रह की कहानियों में लेखक पाठकों को अपने बचपन की घटनाओं से जोड़ता है । लेखक की भाषा में रवानगी है।
इसमें लेखक के महानगर के अनुभवों की छोटी छोटी कहानियां हैं। लप्रेक यानि लघु प्रेमकथा के नाम से प्रचारित इस संग्रह में महानगर के अनेक रंग देखने को मिलते हैं, जो कहीं चटख हैं तो कहीं फीके। इन छोटी छटी कहानियों की भाषा में रवानगी है, जो इसको रोचक बनाती है।
जि़ंदगी आइस पाइस के किरदारों और क़िस्सों में जहाँ एक ओर नब्बे के दशक का नॉस्टैल्जिया है वहीं दूसरी ओर बीवी के प्यार में पड़कर क्यूट हो चुका डकैत मोहर सिंह है। ऐसा युवा भी है जो बदलते समय से उपजी बेचैनी और रोज़-ब-रोज़ इंसान और रिश्तों के मशीनीकरण से ऊबबर इनका अपने तरीक़े से परित्याग कर देता है।
अभिनेता, गीतकार, निर्देशक, संगीतकार पीयूष मिश्रा का ये कविता संग्रह है। इस संग्रह की कविताओं में पीयूष मिश्रा ने अपने सपनों, आकांक्षाओं, सफलता, असफलता और क्षोभ को वाणी दी है। अपने अङिनय से लोगों का दिल जीतनेवाले पीयूष की कविताएं भी पाठकों को एक अलग तरह का स्वाद देती है।
वरिष्ठ टीवी पत्रकार विजय त्रिवेदी की ये किताब एक तरह से अटल बिहारी वाजपेयी की राजनीतिक जीवनी है। उन्होंने इस किताब में इस बात की पड़ता है कि वो क्या वजहें हैं जिससे अटल जी को सभी राजनीतिक दलों से प्यार मिलता रहा। अटल जी को जब भारत रत्न दिया गया तो किसी दल ने उसका विरोध नहीं किया।
वसीम बरेलवी का मानना है कि लफ्ज और एहसास के बीच का फासला तय करने की कोशिश का नाम है शायरी। इसी कोशिश का नतीजा है वसीम साहब की शायरी का ये संग्रह। इस संग्रह की शायरी पाठकों से बात करती सी लगती हैं और शायद इस वजह से पाठकों को बेहद पसंद आ रही है।
ये संग्रह रोमांटिक कविताओं का संग्रह है। इस संग्रह की कविताओं में कवि की कल्पना रोमांस के उन प्रदेशों में जाती है और ऐसे बिंबों को उठाती है जो युवा दिलों की धड़कनों को तेज कर देती है। कुमार विश्वास के इस संग्रह की कविताओं में युवा प्यार परवान चढ़ता है।
यह पुस्तक भारत में वामपंथ के विकास का अध्ययन प्रस्तुत करता है। इसके अलावा 1917 से 1964 के बीच पूरी दुनिया के समाजवादी-साम्यवादी आंदोलनों, उसका भारत के स्वतंत्राता आंदोलन पर पड़े प्रभाव को भी कसौटी पर कसता है । शीत युद्ध के दौरान सोवियत संघ और अमेरिकी जासूसी एजेंसियों के क्रियाकलापों को भी सामने लाती है।
इस किताब में मशहूर गीतकार इरशाद कामिव की रोमानी डायरी की शायरी दर्ज है। इस किताब की शुरुआत में इरशाद कामिल खुद को एक अजनबी की तरह से देखते हैं। लेखक का मानना है कि इश्क से गैर जरूरी काम इस दुनिया में कोई नहीं है लेकिन वो ह भी मानता है कि इश्क ही दुनिया को जीने लायक बनाए हुए है। इश्क से लवरेज इस किताब से इरशाद कामिल की पहचान एक मजबूत हिंदी कवि के रूप में हुई थी।
इस काव्य संकलन में संकलित कविताएँ इस मायने में विशिष्ट हैं कि ये स्वयं अटलजी द्वारा चयनित हैं। इनका एक अन्य आकर्षक और विशिष्ट पक्ष है इनका प्रस्तुतिकरण। ये कविताएँ सुंदर और कलात्मक हस्तलिपि में तथा ललित-सुंदर भाव-चित्रों से सज्जित हैं। कविताओं में स्थित समस्त भाव अपने चित्रों में इस कलात्मकता एवं कुशलता से रचित हैं कि चित्रों को देखकर ही कविताओं का भाव सहज दृष्टिगत हो जाता है।
अभावग्रस्त स्थितियों से गुजरकर सफलता की बुलंदियों तक पहुंचनेवाले राजेश पाटिल की ये कहानी सिर्फ उनकी कहानी है बल्कि अनगिनत वैसे लोगों की कहानी है जो अभावग्रस्त जिंदगी जीते हुए एक मुकाम हासिल करते हैं। बाल मजदूरी के रूप में निरंतर संघर्षरत रहते हुए वो कलक्टर बनता है । जीवन में कुछ कर गुजरने के लिए प्रोत्साहित करती है ये किताब।
सिनेमा, संगीत और साहित्य के संगम के रूप में प्रस्तुत ‘लता :सुर-गाथा’ से गुज़रना लता मंगेशकर की सांगीतिक यात्रा का साक्षी बनना है। यह पुस्तक ब्रिटिश-युग से 21वीं शताब्दी तक सामाजिक-सांस्कृतिक परिवर्तन का दस्तावेज है। इसमें उन प्रभावों को एकत्र कर उन्हें समझने की कोशिश है ,जो राष्ट्र और उसकी आवाज़ को आकार देती है।
गुलजार की इस किताब में रेखांकन कनाडा में रहनेवाली लेखिका और चित्रकार रीना सिंह का है। ये एक ऐसी किताब है जो हिंदी से प्यार करनेवाले पाठकों को रोचक तरीके से उसके बारे में बताती है। ये किताब गुलजार की कविचाओ का पढ़ने का कायदा भी सिखाती है।








