डिब्रूगढ़: “एक मां अपने बच्चों को ज्ञान प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती है और साहस के साथ उनका मार्गदर्शन करती है. प्रयास और दृढ़ता के बिना, किसी की पूरी क्षमता का एहसास करना असंभव है.” केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने रविवार को डिब्रूगढ़ में अखिल असम सोनोवाल कछारी महिला संघ के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही. उन्होंने राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की सक्रिय भूमिका पर बल देते हुए कहा कि मां की गोद दुनिया की सबसे अच्छी शिक्षा संस्था है. ऋग्वेद का हवाला देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महिलाओं ने ऐतिहासिक रूप से प्रगतिशील और समग्र समाज को आकार देने में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है. सोनोवाल ने तकनीकी प्रगति और मानवता के बीच संतुलन के महत्त्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रगति आवश्यक है, लेकिन मानवता के बिना यह अधूरी है. हमें अपने सामने आने वाली चुनौतियों से पार पाने के लिए मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए.

केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने कौशल, दृढ़ता और समर्पण के माध्यम से सोनोवाल कछारी समुदाय को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं है. हर उपलब्धि प्रतिस्पर्धा और चुनौतियों से होकर आती है. असम के विभिन्न जातीय समूहों को शिक्षा, संस्कृति और खेल के माध्यम से आगे बढ़ना चाहिए. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह हमारी जिममेदारी है कि हम सोनोवाल कछारी समुदाय को केवल शब्दों से नहीं, बल्कि कार्यों से आगे बढ़ाएं. महिलाओं से बदलाव लाने में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए सोनोवाल ने समुदाय से कड़ी मेहनत और दृढ़ता अपनाने का आग्रह किया. सोनोवाल ने कहा कि भारत में लाखों महिलाएं आत्मनिर्भर बन गई हैं और राष्ट्रीय प्रगति और आर्थिक विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान दे रही हैं. 2047 तक, हमारा लक्ष्य एक आत्मनिर्भर और विकसित भारत का निर्माण करना है और मैं इस समुदाय की महिलाओं से इस मिशन में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान करता हूं. एक मजबूत और सशक्त महिला शक्ति का अर्थ है राष्ट्रीय विकास और समृद्धि में तेजी लाना. इस कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया, जिनमें अखिल असम सोनोवाल कछारी महिला एसोसिएशन की अध्यक्ष रश्मिरेखा सोनोवाल, पूर्व विधायक ज्योत्सना सोनोवाल, स्वागत समिति के अध्यक्ष दिपुरंजन मकरारी, डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डा श्रुतिधर महंत, अखिल असम सोनोवाल कछारी स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष देवानंद चेलेंग और सोनोवाल कछारी स्वायत्त परिषद के पूर्व मुख्य कार्यकारी सदस्य दंडी सोनोवाल, अन्य विशिष्ट अतिथि और स्थानीय निवासी शामिल थे.