शोध के दौरान क्या रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है?
हाँ, शोधार्थी को हर तीन महीने में अपने कार्य की प्रगति रिपोर्ट विशेषज्ञों के समक्ष प्रस्तुत करनी होती है।
हाँ, शोधार्थी को हर तीन महीने में अपने कार्य की प्रगति रिपोर्ट विशेषज्ञों के समक्ष प्रस्तुत करनी होती है।
चयनित शोधार्थियों को हर महीने ₹75,000 का मानदेय दिया जाता है।
चयनित शोधार्थी को कम से कम 6 महीने और अधिकतम 9 महीने की अवधि के लिए ज्ञानवृत्ति प्रदान की जाती है।
शोधार्थियों से आवेदन प्राप्त होने के बाद सम्मानित निर्णायक मंडल प्रत्येक आवेदन पर मंथन कर विषय और शोधार्थी का चयन करता है। शोध प्रस्ताव में निम्न बिन्दुओं का उल्लेख करना [...]
सिनेमा और साहित्य से इतर सभी विषयों पर
दैनिक जागरण ज्ञानवृत्ति, ‘हिंदी हैं हम’ अभियान के अंतर्गत शुरू की गई एक पहल है, जिसका उद्देश्य हिंदी भाषा में मौलिक शोध को प्रोत्साहित करना है।