पहले से ही किसी विषय पर शोधकार्य में रत व्यक्ति ज्ञानवृत्ति हेतु आवेदन कर सकता है?
हाँ
किसी भी राज्य/देश
स्नातक एवं स्नातक से ऊपर की कक्षाओं के विद्यार्थियों हेतु
अब तक इस कार्यक्रम के अंतर्गत तीन पुस्तकों का प्रकाशन किया जा चुका है।
हाँ, दैनिक जागरण प्रकाशन में सहायता करता है। हालाँकि पुस्तक पर शोधार्थी का सर्वाधिकार सुरक्षित रहता है।
शोध की समाप्ति पर शोधार्थी को लगभग 200 पन्नों की एक पुस्तक प्रस्तुत करनी होती है।