वाराणसीः काशी हिंदू विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग ने अपने 100 वर्ष पूरे किए, तो कोरोना काल चल रहा है. ऐसे में विभाग ने दो दिवसीय वेबिनार आयोजित किया. इस वेबिनार में विश्वविद्यालय के पुरातन छात्रों और विद्वानों ने विभाग के जुड़ी यादों के साथ ही उपलब्धियों की चर्चा की. समापन समारोह में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडेय थे. पांडेय ने कहा कि हिंदी भाषा को आसान तकनीकी शब्दावली के विकास की जरूरत है. इसके लिए लोगों को आगे आना होगा. इस मौके पर महेंद्र नाथ पांडेय ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्र जीवन से जुड़े अपने संस्मरण भी सुनाये. उन्होंने कहा कि उनकी हमेशा यह कोशिश रहती है कि राजभाषा के प्रसार के लिए कामकाज किया जाए. पूर्व में जब वह मानव संसाधन विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री थे, तब भी इसके लिए काफी प्रयास किया था.
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के कुलपति प्रोफेसर रजनीश कुमार शुक्ल ने कहा कि हिंदी हमेशा ही साहित्य विमर्श भाषा तो रही है, पर अब जरूरत है हिंदी को विज्ञान और तकनीकी भाषा बनाने की. प्रोफेसर आनंद वर्धन शर्मा ने भी अपने छात्र जीवन को याद करते हुए प्रोफेसर रामदरश मिश्र की कविता की पंक्तियों का पाठ किया. कार्यक्रम का संचालन डॉ सत्यपाल शर्मा ने किया तो धन्यवाद ज्ञापन प्रो वशिष्ठ नारायण त्रिपाठी ने किया. इस दौरान प्रो दिलीप सिंह, प्रो नंद किशोर पांडेय, प्रो राममोहन पाठक, प्रो राजकुमार, प्रो सदानंद शाही, प्रो रामकली सर्राफ आदि मौजूद रहे. छात्रों ने भी भागीदारी निभाई.