नई दिल्लीः साहित्य अकादमी ने हिन्दी की प्रसिद्ध लेखिका चित्रा मुदगल सहित 24 लेखकों की कृतियों को साल 2018 के साहित्य अकादमी पुरस्कार के लिए चुन लिया है और उनके विजेताओं की घोषणा कर दी है. अकादमी के अध्यक्ष चंद्रशेखर कम्बार की अध्यक्षता में निर्णायक समिति ने इन पुरस्कारों को मंजूरी दी. हिंदी लेखिका चित्रा मुद्गल को उनके उपन्यास पोस्ट बॉक्स न. 203-नाला सोपाराको पुरस्कार के लिए चुना गया. इस समिति के सदस्य थे डॉ. चंद्र त्रिखा, गोविंद मिश्र और उषा किरण खान. अकादमी के अध्यक्ष चंद्रशेखर कम्बार की अध्यक्षता में कार्यकारी मंडल ने निर्णायक समिति की सिफारिशों पर इन पुरस्कारों को मंजूरी दी. साहित्य अकादमी के सचिव के. श्रीनिवास राव ने पत्रकारवार्ता में विजेताओं के नाम की घोषणा करते हुए कहा कि हर भाषा में तीन सदस्यों वाली ज्यूरी की सिफारिशों के आधार पर पुरस्कार के लिए किताबों का चयन किया गया है. चयन प्रक्रिया पूरी तरह तय मानकों और नियमों के अनुसार हुआ. ये पुरस्कार 1 जनवरी 2012 से 31 दिसंबर 2016 के दौरान पहली बार प्रकाशित कृतियों पर दिए गए हैं. कविता की सात किताबों, छह उपन्यास, छह कहानियों की किताब, साहित्यिक आलोचना की तीन किताब और निबंध की दो किताबों ने साल 2018 के लिए साहित्य अकादमी का अवॉर्ड जीता है. इस पुरस्कार में प्रत्येक विजेता को एक-एक लाख रुपए, प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह दिए जाएंगे. ये पुरस्कार 29 जनवरी को राजधानी में एक विशेष समारोह के दौरान  दिए जाएंगे.
 
असमिया में यह पुरस्कार सनंत तांती को उनके कविता संकलन 'काइलेर दिनटो आमार ह'', बांग्ला में संजीव चट्टोपाध्याय को उनके कहानी संकलन 'श्रीकृष्णेर शेष कटा दिन', बोडो में रितुराज बसुमतारी को कहानी संकलन 'दोंसे लामा', डोगरी में इंदरजीत केसर को उनके उपन्यास 'भगीरथ', अंग्रेजी में अनीस सलीम को उनके उपन्यास 'द ब्लाइंड लेडीज़ डिसेंडेंट्स', गुजराती में शरीफा वीजलीवाला को निबंध संकलन 'विभाजननी व्यथा', कन्नड़ में आलोचना पुस्तक 'अनुश्रेणी-यजामणिके', कश्मीरी में मुश्ताक अहमद मुश्ताक को कहानी संकलन 'आख', कोंकणी में परेश नरेंद्र कामत को 'चित्रलिपी', मैथिली में कहानी संकलन 'परिणिता' के लिए वीणा ठाकुर, मलयालम में एस. रमेशन नायर को कविता संकलन 'गुरुपउर्णमी', मणिपुरी में बुधिचंद्र हैस्नांबा को कहानी संकलन 'ङमखैगी वाङमदा', मराठी में म.सु. पाटील को लाओचना पुस्तक 'सर्जन प्रेरणा आणि कवित्वशोध', नेपाली में लोकनाथ उपाध्याय चापागाईं को कहानी संकलन 'किन रोयौ उपमा', ओड़िया में दाशरथि दास को आलोचना पुस्तक 'प्रसंग पुरुणा भावना नूआ', पंजाबी में मोहनजीत को कविता संकलन 'कोने दा सूरज', राजस्थानी में राजेश कुमार व्यास को कविता संकलन 'कविता देवै दीठ', संस्कृत में रमाकांत शुक्ल को कविता संकलन 'मम जननी', संताली में श्याम बेसरा 'जीवी रारेक' को उपन्यास 'मारोम', सिंधी में खीमण यू. मुलाणी को कविता संकलन 'जिया में टांडा', तमिल में एस. रामकृष्णन को उनके उपन्यास 'संचारम', तेलुगु में कोलकलुरी इनोक को निबंध संग्रह 'विमर्शिनी' और उर्दू में रहमान अब्बास को उनके उपन्यास रोहज़िन के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार देने का ऐलान किया गया है. जागरण हिंदी की ओर से सभी अकादमी पुरस्कार विजेताओं को बधाई!