संगीत नाटक अकादमी देश के सात शक्तिपीठों में ‘शक्ति- संगीत और नृत्य महोत्सव’ आयोजित कर रहा

नई दिल्ली: संगीत नाटक अकादमी नवरात्रि के पावन पर्व पर कला प्रवाह शृंखला के तहत मंदिर परंपराओं को पुनर्जीवित करने के लिए एक बड़ा आयोजन कर रहा है. अकादमी पवित्र [...]

2024-04-18T14:13:34+05:30

… ताकि हर महिला हो सुरक्षित! ईशा अंबानी पीरामल ने डा विजय हरिभक्ति की पुस्तक का किया विमोचन

मुंबई: ईशा अंबानी पीरामल ने स्तन स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए डा विजय हरिभक्ति द्वारा लिखित पुस्तक 'बीइंग ब्रेस्ट-अवेयर: व्हाट एवरी वुमन मस्ट नो' का विमोचन किया. पुस्तक के [...]

2024-04-10T17:28:09+05:30

बढ़ रही लोकार्पण की जगह देवार्पण की प्रवृत्ति, ‘स्वर्ग की अनुभूतिः केदारनाथ-यात्रा’ पुस्तक का शिवार्पण

बतौली: आजकल पुस्तकों के लोकार्पण की जगह लेखकों में उनके देवार्पण की होड़ लगी है. जिला सरगुजा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मंगारी सीतापुर में व्याख्याता प्रशान्त चतुर्वेदी ने अपनी [...]

2024-04-10T17:28:07+05:30

भारत का उत्थान अजेय; प्रतिभा, बुद्धि और ज्ञान में हमारे युवा सर्वश्रेष्ठ में से एक: उपराष्ट्रपति धनखड़

गया: "बोधगया आध्यात्मिक महत्व का स्थल और वह भूमि है, जहां महान भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था. मानवता की सामूहिक चेतना में बोधगया का विशेष स्थान है....मेरा दृढ़ विश्वास है [...]

2024-04-10T17:28:04+05:30

मगही का पहला प्रकाशित उपन्यास ‘फूल बहादुर’ अब अंग्रेजी में, अभय के द्वारा अनूदित पुस्तक का लोकार्पण

नई दिल्ली: कवि और राजनयिक अभय के अपनी भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार के लिए काफी कुछ करते रहते हैं. हाल ही में उनके द्वारा अंग्रेजी में अनूदित मगही भाषा [...]

2024-04-10T17:28:02+05:30

लोकहित की कामना से संपृक्त साहित्य ही असली साहित्य है, और अवधी इसमें अनूठी: प्रो सत्य प्रकाश त्रिपाठी

बाराबंकी: यह पुस्तक लोकार्पण और परिचर्चा की एक अनूठी शाम थी. इस कार्यक्रम में कई पुस्तकों का लोकार्पण हुआ और अतिथि वक्ताओं ने उस पर अपनी राय रखी. सबसे पहले [...]

2024-04-10T17:28:00+05:30

इन पुस्तकों में प्रेम और करुणा जीवन का केंद्रीय तत्त्व: डा रेणुका व्यास ‘नीलम’ की पांच पुस्तकों का लोकार्पण

बीकानेर: "डा रेणुका व्यास के रचनाकर्म में समाज, साहित्य और संस्कार मौजूद है, एक अलग प्रकार की छटपटाहट है. आपकी रचनाएं साधारण नहीं हैं, बल्कि ये अपना मुहावरा खुद बनाती हैं." यह बात मुक्ति संस्था [...]

2024-04-10T17:27:59+05:30

संस्कृत भाषा के सार्वभौमिक विकास से ही हमारी सांस्कृतिक विरासत अक्षुण्ण: कुलपति प्रो लक्ष्मी निवास पाण्डेय

मधुबनी: भाषा के बिना संवाद अधूरा है और साहित्य तो सृजित ही नहीं हो सकता. इसलिए भाषाओं के ज्ञान के साथ ही उसका संस्कार भी जरूरी है. संस्कृत भारतीय ही [...]

2024-04-10T17:27:57+05:30

साहित्य के बिना समाज का निर्माण नहीं हो सकता: ‘शिक्षा, साहित्य और समाज’ विषयक संगोष्ठी में वक्ता

मथुरा: "साहित्य की ओट में ही काल विशेष की विशेषता छिपी रहती है, जिसे समय-समय पर साहित्यकार उद्घाटित करता है. शिक्षा जीवन में व्याप्त अंधकार को दूर कर हमारे जीवन में सामंजस्य [...]

2024-04-10T17:27:55+05:30

जबलपुर को हम लोग परसाईपुर कहते थे: ‘साहित्य संवाद’ पुस्तक के विमोचन अवसर पर ममता कालिया

जबलपुर: "पूरे देश के साहित्यकार जबलपुर को हरिशंकर परसाई के कारण पहचानते जानते हैं. आलम यह था कि जबलपुर को हम लोग परसाईपुर कहते थे. गरजन सिंह वरकड़े लिखित पुस्तक 'साहित्य संवाद' को [...]

2024-04-10T17:27:54+05:30
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