सुरेन्द्र शर्मा बने दिल्ली के हिंदी अकादमी के उपाध्यक्ष

2018-10-10T20:28:05+00:00

नई दिल्लीः 'पत्नी जी! मेरो इरादो बिल्कुल ही नेक है/ तू सैकड़ा में एक है।' वा बोली- 'बेवकूफ मन्ना बणाओ/ बाकी निन्याणबैं कूण-सी हैं/ या बताओ.' लंबे समय से अपनी ऐसी हास्य फुहार रचनाओं से लोगों को हंसाते रहने वाले मंचीय हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा को दिल्ली सरकार ने हिंदी अकादमी दिल्ली का नया उपाध्यक्ष मनोनीत किया है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उनके मनोयन की जानकारी मीडिया को दी. उनकी नियुक्ति के साथ ही फेसबुक पर उनके चाहने वाले साहित्यकारों, लेखकों और प्रशंसकों ने उन्हें बधाई देनी शुरू कर दी. हरियाणा के नांगल चौधरी में वर्ष 1945 में जन्मे सुरेंद्र शर्मा की अब तक कई व्यंग्य लेख संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं.

याद रहे कि हाल ही में दिल्ली अकादमी के उपाध्यक्ष विष्णु खरे के निधन के बाद से ही यह पद खाली था. दिल्ली सरकार ने इसी साल 22 जून को हिंदी अकादमी की नई कार्यकारिणी का गठन किया था, जिसमें कवि, पत्रकार और आलोचक विष्णु खरे को उपाध्यक्ष बनाया था. तब 13 साहित्यकार और पत्रकारों की एक कार्यकारिणी भी गठित की गई थी. लेकिन ब्रेन स्ट्रोक के चलते विष्णु खरे का इसी 19 सितंबर को दिल्ली में निधन हो गया. उनसे पहले वरिष्ठ लेखिका मैत्रेयी पुष्पा तीन साल तक इस संस्था की उपाध्यक्ष रहीं. दिल्ली का मुख्यमंत्री हिंदी अकादमी की 18 सदस्यीय संचालन समिति का पदेन अध्यक्ष होता है. 

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