दैनिक जागरण मुक्तांगन 2017-12-22T07:55:00+00:00

दैनिक जागरण मुक्तांगन

मुक्तांगन साहित्य एवं कला सम्बंधित विचारों को अभिव्यक्त करने का एक नव -मंच है जिसकी परिकल्पना विशेषकर हिंदी साहित्य, पत्रकारिता , रंगमंच एवं सिनेमा की परिचर्चाओं को एक ऐसा मंच प्रदान करने हेतु की गयी जहाँ लेखक, कवि, पत्रकार, कलाकार एवं युवा छात्र- छात्राएँ स्वतंत्र विमर्श कर सकें। द मुक्तांगन मंथली के अंतर्गत मुक्तांगन वरिष्ठ एवं युवा लेखकों, पत्रकारों एवं कलाकारों को आमंत्रित करता है।  एक दिवसीय इस आयोजन में तीन से चार सत्र अलग-अलग विषयों पर रखे जाते हैं।  हर सत्र के अंत में प्रबुद्ध श्रोताओं को वक्ताओं से  संवाद के लिए आमंत्रित किया जाता है।   मुक्तांगन एक यह प्रयास हिंदी, उर्दू एवं भारत की अन्य भाषाओँ के साहित्य एवं अन्य लेखन व विचारों  को अधिक से अधिक पाठकों एवं श्रोताओं तक पहुँचाने हेतु  है।

मुक्तांगन
दिसंबर 2017